Monday, January 5, 2026

LIFESTYLE

लौट आओ..
मैं उसकी आँख का पानी हूँ बोलो कैसे मर सकता हूँ?
सर्वनाम प्राथमिक कक्षाओं हेतु

TECHNOLOGY

सक्षम का शंखनाद
ए जननी तेरा अभिनंदन

Noch the Moon

English Poem

LATEST NEWS

[td_block_social_counter custom_title=”STAY CONNECTED” facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]
- Advertisement -

POPULAR ARTICLES

Ajaadi

आजादी   नादान है वह  नहीं जानती आजादी  आजादी के मायने  अभी उसके डैने छोटे हैं  उसकी उड़ान  हवाओं का रुख नहीं पहचानती  उसे नहीं पता युद्ध और पाकिस्तान में अंतर  क्या जरूरी...

चन्द शेर

मेरे जेहन में रिश्तों की जो परिभाषा थी वो बदल दी उसने जिसे खुदा से मांगा ******************************* इस दफा हिसाब सही जो निकले गुणा भाग कर जब मेरी बारी...

लक्ष्य नया अपनाना होगा

लक्ष्य नया अपनाना होगा  लकीर के फकीर को कब मिली डगर नई आंधी में अधीर को कब मिली सहर नई सबसे हटकर चलना है तो लक्ष्य नया अपनाना होगा  दुनिया तेरे...

LATEST REVIEWS

मैंने हिंदू देखे मैंने मुसलमां देखे

मैंने हिंदू देखे मैंने मुसलमां देखे          अपनी ही भूख से सारे पशेमां देखे   गाँव के जोहड़ दुकानों में तब्दील हैं ...
अब भी उम्मीद का जुगनू है मुट्ठी में
नया साल 

नया साल 

पहली बारिश

DON'T MISS

कैसे बताऊँ मैं ही तो सरकार हूँ..

क्य बताऊँ किसलिए बेजार हूँ क्या बताऊँ किसलिए बेजार हूँ रोज के हालात से लाचार हूँ तरबतर हैं चप्पलें बरखा बगैर दुर्गंध से भरा हुआ बाजार हूँ मकानों में...

कसक #नईकविता #प्रीतिराघवचौहान

कुछ, न पाने की कसक सब कुछ होने से ज्यादा है। चाँद समूचा खिड़की में  पर अंधकार से वादा है  मंज़िल पर आ बैठे हैं  प्यास मगर है राह...

TheTeacher

योग दिवस

[td_block_social_counter custom_title=”STAY CONNECTED” facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]

MOST POPULAR

LATEST VIDEOS

TRAVEL GUIDE

नृत्य /Dance

उसके कदम थिरकते हैं माँ वृंदावन को जाती है जैसे कबूतर मूंद कर आँखें कर रहा हो इंतजार अनहोनी टल जाने की बंद उन...

PHONES & DEVICES

LATEST TRENDS

मोनालिसा – 2

मैं चाहते हुए भी मोनालिसा नहीं बन पाती क्योंकि मुस्कुराना कभी आया ही नहीं...

देश भक्ति गीत /ए भगतसिंह तेरी फिर आज जरूरत है

ए भगतसिंह तेरी फिर आज जरूरत है तू लौट के आजा रे खाली तेरी मूरत है मेरे देश को खतरा है घर के गद्दारों से इन जात...

TECH

बारिश /बारिश /बारिश

2020

बाल मन और परीक्षा

FASHION

REVIEWS

एक था छज्जू हलवाई

एक था छज्जू हलवाई

ENTERTAIMENT

पहली बारिश

पहली बारिश  सौंधी गंध रोज बरसात धुल गये छंद गुड़हल फूले चहुँदिस मकरंद पहली बारिश सौंधी गंध धुले घाट उखड़े बाट गाड़ी के छींटे...

भिखारी

घर से था निकला मौजे जुनूँ में किस हाल में है

रही होगी वजह कोई.. प्रीति

रही होगी वजह कोई जो उसने छोड़ दी महफिल उसे मगरूर कहकर क्यों भला हर पल चिढ़ाते हो है ढाई चाल में माहिर ना बैसाखियों पर जा है लम्बी रेस...

सुनो गुनगुन

   सुनो गुनगुन ये जो तुम्हारे पैरों तले बेरंग धूसर माटी है बचपन इसमें ही मिल हुआ करता है उर्वर आकाश के नील पटल पर रंगने से पहले सतरंगी इंद्रधनुष भरो...
काशी

काशी

  काशी, तू है समय का शाश्वत स्वर, तू ही आरंभ और तू ही अंतिम पहर।   यहाँ जन्म की पहली पुकार सी गंगा की धार में शाश्वत सृष्टि...

Ajaadi

आजादी   नादान है वह  नहीं जानती आजादी  आजादी के मायने  अभी उसके डैने छोटे हैं  उसकी उड़ान  हवाओं का रुख नहीं पहचानती  उसे नहीं पता युद्ध और पाकिस्तान में अंतर  क्या जरूरी...
काशी में शिक्षा

काशी में शिक्षा

नव भारत ने पकड़ ली अब विकास की राह, वाराणसी में दिखा शिक्षा का नया प्रवाह।   देखे हमने विद्यालयों में नवजागरण स्वर, निपुण भारत का सपना हर बच्चा हो आत्मनिर्भर   कार्यकलापों से...

माँ की कोख

ये माँ की कोख को शर्मसार करते हैं जा के कह दो माँ से ना जने बेटे ...... बक्से में बंद कर सिराहने रखा करो वो अभी बच्ची...
[td_block_social_counter facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]
- Advertisement -

Featured

K for कंडाघाट
आत्मविश्वास
सर्वनाम प्राथमिक कक्षाओं हेतु

Most Popular

Just fly just fly

You will As you want So what You have no grant You can If you try So what  It is blakish sky  You win If you spin  All clouds  That makes you sin With hope  With full...
Just fly just fly

भिखारी

Guest.. Maina

नया साल 

नया साल 

Latest reviews

मौसम मेरे शहर का

 मौसम  मेरे शहर का यह कदर बेइमान हुआ हर इक कतरा हवा का मौत का सामां हुआ किसका  पूछें हाल  बंधु हर कोई बेहाल...
मौसम मेरे शहर का इस कदर बेइमां हुआ

हिंदुस्तान जिंदा है

जब तलक परचम के पहरेदार जिंदा हैं ये लहरायेगा यूँ ही कि इसकी शान जिंदा है देश की खातिर हैं खूं में वलवले अब भी रहेगा ये...
हिंदुस्तान जिंदा है

परीक्षा

परीक्षा  परीक्षा उनके लिए नई बात नहीं वो रोज़ देते हैं असल जीवन में जीने की परीक्षा  विद्यालय उनके लिए स्वप्न स्थली है महज जो पाठ किताबों में लिखे...
परीक्षा

More News

MOST POPULAR

PEOPLE

LIFE

DESIGN

[td_block_social_counter facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]

LATEST VIDEOS

- Advertisement -

TECH POPULAR

TRAVEL

इस काल का वरण करें /IndianCricketTeam

इसकाल का वरण करें  जीत के आकाश से विजय कुसुम नहीं तो क्या  क्षण वो शंखनाद के  बना नहीं सके तो क्या  निशीथ के अंधेरों में  नव किरण नहीं तो...
इसकाल का वरण करें।

कविताएँ

FASHION WEEK

आज का विचार

वो सृष्टि है वो वृष्टि है नित नूतन वो दृष्टि है सिंदूरी रंग टिकुली में ले वो सम्पूर्ण समष्टि है प्रीति राघव चौहान चित्रांकन :आरुषि चौहान

वर्जित है

एक रात जब

GADGET WORLD

BEST Smartphones

विज्ञापन

 उपभोक्तावादी संस्कृति/सभ्यता हर चेहरा एक विज्ञापन एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ एक दूसरे को नीचा दिखाने की चाह हर एक उत्पाद आता नजर दूसरे की टांग खींचता प्रतिस्पर्धा...
Advertisement

DON'T MISS

मशरूम जो बदल देगी जीवन
हे सृष्टि कर अभिनंदन आने वाले साल का

POPULAR VIDEO

मेवाती

दो दिन से लंच बॉक्स स्कूल में भूलरही थी तीसरे दिन फिर एक बैग और लंच बॉक्स लिए वह स्कूल पहुंची। विद्यालय के सभी...

HOLIDAY RECEPIES

EVEN MORE NEWS

हिंदुस्तान जिंदा है

जब तलक परचम के पहरेदार जिंदा हैं ये लहरायेगा यूँ ही कि इसकी शान जिंदा है देश की खातिर हैं खूं में वलवले अब भी रहेगा ये...

मौसम मेरे शहर का

 मौसम  मेरे शहर का यह कदर बेइमान हुआ हर इक कतरा हवा का मौत का सामां हुआ किसका  पूछें हाल  बंधु हर कोई बेहाल...

शुभकामनाएं /हो भविष्य उज्ज्वल ही उज्ज्वल

हो भविष्य उज्जवल ही उज्जवल शुभकामना देता ये अंतस्तल                      गंगा सा मन रहे आपका ...

FASHION AND TRENDS

Today ‘s thought

WE must do our work... either they are big or small .

आत्मविश्वास की उड़ान

कविता: "आत्मविश्वास की उड़ान" तू क्यों डरती है ऐ नारी, तुझमें जब शक्ति छिपी सारी  बेशक है ये अंजानी सी, तू स्वयं तो है पहचानी सी। तूफानों से...
[td_block_social_counter custom_title=”STAY CONNECTED” facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]
- Advertisement -

LATEST REVIEWS

एक था छज्जू हलवाई

एक था छज्जू हलवाई

चंडूखाना

उसका जाना

वृक्ष लगाओ, धरा बचाओ

पारिजात

POPULAR VIDEOS

EDITOR'S PICK

Infinite Load Articles

उसका जाना

कंचन सुबह से ही अपने महानगर वाले घर में तैयारियों में जुटी थी। बैठक कक्ष में उसने आसन, दरी और फूल सजा दिए थे।...

पारिजात

अपराजिता जब पहली बार जब उस छ:फुटे पारिजात से मिली तो उसे लगा मानो वह किसी पुराने परिचित को देख रही हो। उसकी उपस्थिति...

कैसे बताऊँ मैं ही तो सरकार हूँ..

क्य बताऊँ किसलिए बेजार हूँ क्या बताऊँ किसलिए बेजार हूँ रोज के हालात से लाचार हूँ तरबतर हैं चप्पलें बरखा बगैर दुर्गंध से भरा हुआ बाजार हूँ मकानों में...
- Advertisement -

MOST POPULAR

HOT NEWS

DON'T MISS

LIFESTYLE

TheTeacher

 यदि समाज में जड़ता है, ये जड़ता कौन मिटाएगा? किसकी ज़िम्मेदारी है ये, राहें कौन दिखाएगा? हर चॉक की रेख से पूछो, किसने दुनिया बदली है? हर पुस्तक के पृष्ठ...

योग दिवस

योग एक दिवस नहीं सतत् की जाने वाली क्रिया है, जिसमें स्वयं को लगातार रखना होता है एकाग्र और स्थिर। श्वास की गति में लानी होती है समता चिंतन...
[td_block_social_counter custom_title=”STAY CONNECTED” facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]

POPULAR

REVIEWS

आज का विचार

मन के पथ पर दौड़ रहे  जितने गहन विचार  उतना ही छाया रहे  अन्तरघट अंधियार  जितना निर्मल चित्त ले  तू आया हरि के द्वार  उतना ही रोशन दिखे  ये सारा संसार 
मन के पथ पर दौड़ रहे...

गिनती

अनकहा/बहुत कुछ कहने के बाद

                    बहुत कुछ  कहने के बाद भी  कितना कुछ रह जाता.. अनकहा  कितने प्रश्न अनुत्तरित ?? कितने स्वप्न -धूल...

वर्ण और वर्णमाला (सक्षम हेतु अभ्यास पत्र)कक्षा तीसरी, चौथी, पांचवीं हेतु

सक्षम कक्षा हिन्दी कक्षा तीसरी, चौथी, पांचवीं के लिए वर्णमाला से संबंधित अभ्यास कार्य। 1.वर्णों के मेल को क्या कहते हैं ? (A) शब्द (B) स्वर (C) व्यंजन (D) वाक्य 2. भाषा...

WORD CUP 2016

मन ये चाहे तू बच्चा हो जा

मन ये चाहे तू बच्चा  हो जा  खफ़ा सच से मगर सारा जहाँ रहता  है मुँह पर...

आदम

चलो अपने लायक जगह तलाशें दूजी मेरी बस्ती से अब बू-ए-आदम नहीं आती          ...

चाँद

उसे चांद से कम कुछ नहीं चाहिए उसे क्या मालूम चांद पर चट्टानों के सिवा कुछ भी नहीं उसे...

WRC Rally Cup

आजादी का मोल

आजादी का मोल

    आजादी  का मोल आजादी का मूल्य क्या है? काश! बता पाता वो शिशु जो माँ की...

वर्ण और वर्णमाला (हिन्दी व्याकरण)

हिन्दी व्याकरण वर्णमाला  राजकीय प्राथमिक पाठशाला रेवासन  स्कूल कोड 15812 भाषा की सार्थक इकाई वाक्य है। मुस्कान बहुत सुन्दर...
मैं शिक्षा विभाग में शरणार्थी हूँ

मैं शिक्षा विभाग में शरणार्थी हूँ

  मैं शिक्षा विभाग में शरणार्थी हूँ  लगा रहता हूँ जद्दोजहद में  छिपाने अपने पैबंद  लाता हूँ रवि बाजार...
[td_block_social_counter custom_title=”STAY CONNECTED” facebook=”tagDiv” twitter=”envato” youtube=”envato” open_in_new_window=”y”]
- Advertisement -

SPORT NEWS

वो आखिरी ख़त
toungeTwister
हिन्दी दिवस पर विशेष (कविता)

HEALTH & FITNESS

OCD

गूंगी सड़क

CYCLING TOUR

प्रेरक विचार

आज का विचार

मन के पथ पर दौड़ रहे  जितने गहन विचार  उतना ही छाया रहे  अन्तरघट अंधियार  जितना निर्मल चित्त ले  तू आया हरि के द्वार  उतना ही रोशन दिखे  ये सारा संसार 

मोनालिसा

मोनालिसा तुम अपने घर के सोफे में ठीक यूँ टंकी थी जैसे तुम्हारे पीछे टँकी मोनालिसा की तस्वीर  जो मुस्कुराकर झांक रही थी सामने रखी मेज में सचमुच गजब ढा रही...

बस तुम और मैं..

अब क्या होगा इस दुनिया में?  जो आकर कोई पूछेगा वो स्वयं ही अपनी पहेली को मेरे शब्दों में बूझेगा अनघड़ औघड़ बेजां बातें  क्यों कर- कर वक्त गुजारें...

आजादी क्या मिली वो स्वच्छंद हो गये

आजादी क्या मिली वो स्वच्छंद हो गये कतारों में लगे लोग लामबंद हो गये हांकने वाले भी थे हुजूम में शामिल आजाद तराने गलों  में बंद हो गए जलसा जुलूस में तब्दील हो...

TENNIS

Urin Of SUGAR

शुगर का यूरिन किसने देखा है कल आज में जियो गुस्सा क्यों शुगर के यूरिन सा  जो बार बार आता है छोड़ो भी जाने दो यदि ये बीमारी है दवा लो नहीं...
गुस्सा क्यों शुगर के यूरिन सा है
- Advertisement -

मौन को आवाज दो

मौन को आवाज दो बोलते हैं आज पत्थर ज़िन्दगी को साज दो गीत नित नूतन रचो मौन को आवाज दो ढक रहा काला कुहासा क्षितिज तक की लालिमा पीर है गहरी...
बोलते हैं आज पत्थर

ANDROID

[td_block_social_counter custom_title=”STAY CONNECTED” facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”tagDiv” open_in_new_window=”y”]
- Advertisement -

DESIGN

एक था छज्जू हलवाई

एक था छज्जू हलवाई

GADGETS

उसका जाना

कंचन सुबह से ही अपने महानगर वाले घर में तैयारियों में जुटी थी। बैठक कक्ष में उसने आसन, दरी और फूल सजा दिए थे।...

PHOTOGRAPHY

WINDOWS PHONE

एक था छज्जू हलवाई
जगतू जादूगर
चंडूखाना