2020

इक्कीसवीं सदी

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इक्कीसवीं सदी बढ़े

नव सृजन की ओर

हरी धरा पर केसरी

परचम रहे चहुंओर

 

विकास का ये चक्र

चलता यूं ही रहे

हिन्द भू पर प्रेम

पलता यूंही रहे

खुशहाल हो वसुधा

सम्पन्न हो समाज

प्रतिदन हो नूतन

नया कल हो या आज

प्रीति राघव चौहान ©

VIAPritiRaghavChauhan
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नाम:प्रीति राघव चौहान शिक्षा :एम. ए. (हिन्दी) बी. एड. प्रीति राघव चौहान मध्यम वर्ग से जुड़ी अनूठी रचनाकार हैं।इन्होंने फर्श से अर्श तक विभिन्न रचनायें लिखीं है ।1989 से ये लेखन कार्य में सक्रिय हैं। 2013 से इन्होंने ऑनलाइन लेखन में प्रवेश किया । अनंत यात्रा, ब्लॉग -अनंतयात्रा. कॉम, योर कोट इन व प्रीतिराघवचौहान. कॉम, व हिन्दीस्पीकिंग ट्री पर ये निरन्तर सक्रिय रहती हैं ।इनकी रचनायें चाहे वो कवितायें हों या कहानी लेख हों या विचार सभी के मन को आन्दोलित करने में समर्थ हैं ।किसी नदी की भांति इनकी सृजन क्षमता शनै:शनै: बढ़ती ही जा रही है ।

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