शुभकामनाएं /हो भविष्य उज्ज्वल ही उज्ज्वल

हो भविष्य उज्जवल ही उज्जवल शुभकामना देता ये अंतस्तल                      गंगा सा मन रहे आपका ...

अनकहा/बहुत कुछ कहने के बाद

                    बहुत कुछ  कहने के बाद भी  कितना कुछ रह जाता.. अनकहा  कितने प्रश्न अनुत्तरित ?? कितने स्वप्न -धूल...

वर्जित है

    किसी के जीवन में       प्रवेश किसी का         अनाधिकार                 वर्जित है  ...

मनु पुत्र

हे मनु पुत्र तुम सृष्टि रचयिता बनो इसमें संदेह नहीं धरा पुत्र कहलाओगे यह इस धारिणि के मूक वचन मंगल विजय करो या बुलैट गति से घूमों  तुम बम बनाओ...

Biometric attendance

बायो गैस बायो वेस्ट बायो टैक और बायो डायवर्सिटी के बाद नयी सोच नयी उमंग के साथ तरोताज़ा प्रयोग बायोमैट्रिक हाजिरी गुरुजन और अनुशासन पर्याय एक दूजे के अब अपनी उपस्थिति अंगूठे से करायेंगे अंगूठा छलनी...

आप सदा पूज्य हैं

सुबह सवेरे नहीं कर सकी वंदन चरण रज दूर थी अभिवादन भी लगा औपचारिक क्योंकि कुछ नया नहीं था पास दर्द बांट नहीं  सकती और सुन कर दर्द दर्द बहुत होता...

मैं वतन का हूँ सिपाही बाल कविता

     मैं वतन का हूं सिपाही मैं वतन का हूँ सिपाही यह वतन हमदम मेरा इसके सजदे करते-करते बीते यह जीवन मेरा मैं वतन का...

Aàaaà

बसंती है बयार नाचता हर सूँ तिरंगा है

   ज़िन्दगी चन्द पल की मेहमान है     खुद से मिलें या मिलें जमाने से     कह दो उनसे बहुत मसरूफ़* हैं हम    वो जो आते...

मैंने हिंदू देखे मैंने मुसलमां देखे

मैंने हिंदू देखे मैंने मुसलमां देखे          अपनी ही भूख से सारे पशेमां देखे   गाँव के जोहड़ दुकानों में तब्दील हैं ...

देता रहा दस्तक वो

बेसबब उसकी हर बात को लेते गये तयशुदा उसको लम्हात ही भेजे गये देता रहा दस्तक  वो खामोश सा चेहरा जज़्बातों को उसके तजुर्बात सा...

जरा मुस्कुराओ

वह अपने घर के सोफे में ठीक ऐसे ही टँकी थी जैसे उसके पीछे टँगी तस्वीर जो मुस्कुराकर झांक रही थी मेज में मुस्कुराती तस्वीर सचमुच गजब ढा रही...

आज का विचार

नये विचार को ग्रहण करने के लिये विचार शून्य होना जरूरी है ।

पढ़ेगा भारत तभी तो बढ़ेगा भारत

आज बहुत  जोशोखरोश के साथ  विद्यालय के लिए तैयार हुई ।लंबी छुट्टियों के बाद एक शिक्षक के लिए स्कूल जाना ठीक ऐसे ही होता...

आज का विचार

मैं  कब  किस  के काम आया मेरा जनाज़ा बताएगा कांधिये  कितने थे पीछे और कैसी जमात थी

JustChill

When all things go wrong  and everything makes you still then please don't cry just stay  and chill Just Chill Just Chill when clouds are more a lots of  thunders...

Ahankar

मैंने जब भी तलाशे इक कंकर डाल रुके हुए पानी में अपनी उलझनों के हल मुझेअपनी उलझने वर्तुलाकार लगीं जितना तलाशा उतना  बढ़ाया सिलसिला यूँ कभी थमने ना पाया आज...

Ajaadi

आजादी   नादान है वह  नहीं जानती आजादी  आजादी के मायने  अभी उसके डैने छोटे हैं  उसकी उड़ान  हवाओं का रुख नहीं पहचानती  उसे नहीं पता युद्ध और पाकिस्तान में अंतर  क्या जरूरी...

पहाड़ ने कहा जरा रुको

पहाड़ ने कहा ज़रा रुको वह कब किसी के रोके रुकी ठिठककर मुस्कुराई फिर उठी आसमान की ओर मिलकर आसमां से बरस गई हवा सारे पहाड़ /सारी धरती छा गई पाताल तक ....