वृक्ष मगन सब देख घिरे घन 

नाचें अंबर और गुड़िया 

निकले घर से चुन्नू मुन्नू 

जादू की लेने पुड़िया 

दादी रोकें मम्मी टोके 

बारिश में तुम न जाना

ठंडी लग जाएगी तुमको 

और पड़ेगा पछताना 

चुन्नू तब ये झट से बोला 

अम्मा नाच रहा है मोर 

संग आप भी मौज मना लें 

काहे को करतीं हैं शोर 

ठंडी जब लग जाये अदरक 

वाला दूध पिला देना

बेसन वाला ताजा हलुआ 

भरकर पेट खिला देना

नाच रहें हैं चुन्नू मुन्नू 

नाचें अंबर और गुड़िया 

मोर नाचता वृक्ष नाचते 

नाचें अम्मा और चिड़िया

प्रीति राघव चौहान

VIAPriti Raghav Chauhan
SOURCEPritiraghavchauhan
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नाम:प्रीति राघव चौहान शिक्षा :एम. ए. (हिन्दी) बी. एड. प्रीति राघव चौहान मध्यम वर्ग से जुड़ी अनूठी रचनाकार हैं।इन्होंने फर्श से अर्श तक विभिन्न रचनायें लिखीं है ।1989 से ये लेखन कार्य में सक्रिय हैं। 2013 से इन्होंने ऑनलाइन लेखन में प्रवेश किया । अनंत यात्रा, ब्लॉग -अनंतयात्रा. कॉम, योर कोट इन व प्रीतिराघवचौहान. कॉम, व हिन्दीस्पीकिंग ट्री पर ये निरन्तर सक्रिय रहती हैं ।इनकी रचनायें चाहे वो कवितायें हों या कहानी लेख हों या विचार सभी के मन को आन्दोलित करने में समर्थ हैं ।किसी नदी की भांति इनकी सृजन क्षमता शनै:शनै: बढ़ती ही जा रही है ।

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