Monday, January 5, 2026

Be Positive

मौन को आवाज दो

मौन को आवाज दो बोलते हैं आज पत्थर ज़िन्दगी को साज दो गीत नित नूतन रचो मौन को आवाज दो ढक रहा काला कुहासा क्षितिज तक की लालिमा पीर है गहरी...

दो कांधे और चाहियें

कुछ वक्त और ठहर जा ऐ ज़िन्दगी दो कांधे और चाहिये बेटियाँ कुंवारी हैं अभी

शिक्षित हो हर घर परिवार (नुक्कड़ नाटक)

शिक्षित हो हर घर परिवार    सभी बच्चों का समवेत स्वर-)  सुनो सुनो भाई सुनो सुनो  सुनो सुनो भाई सुनो सुनो    (सभी बच्चे)  चलो चलें एक नए सफर पर  देखें नई...
My dear pillow

My pillow

कसक #नईकविता #प्रीतिराघवचौहान

कुछ, न पाने की कसक सब कुछ होने से ज्यादा है। चाँद समूचा खिड़की में  पर अंधकार से वादा है  मंज़िल पर आ बैठे हैं  प्यास मगर है राह...

लोगों को कहने दो

आप हँसना चाहते हैं जोर से चिल्लाना चाहते हैं चाहते हैं सड़क किनारे खाना कुलचे चाहते हैं सिस्टम पर लगाना पंच दिन भर की भगदौड़ से परे चाहते हैं...

सच

क्या आप भी  सरेआम सच  कहना चाहते हैं ये शहर सच को नकारता है जनाब .............. .  जब भी सच कहा लोग खिलखिला के हँसे आज के दौर में  सच चुटकुले सा है .........

कालू जी की मूँछ

कालू जी ने खूब बढ़ाई  लम्बी लम्बी मूँछ  चले अकड़ कर घर से  बाहर होगी मेरी पूंछ मुर्रा जैसे सींगों वाली दिखती उनकी मूंछ मार मरोड़ा बस में ठाड़े  जैसे हों...

मॉरीशस में गिरमिटियाओं का स्वर्णिम काल

हिंद महासागर का तारा और चाभी वाला यह देश जो विशाल नीला सागर और स्वप्निल दुग्धिया समुद्र तट से घिरा हुआ है और...
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हे सृष्टि कर अभिनंदन आने वाले साल का
वक्त आंधी अपनी रफ़्तार से बढ़ती गई

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आज का विचार

सरलता रंगों का स्वाभाविक गुण है। चाहे किसी भी रंग में मिलाओ ये सहज ही दूसरे में विलय हो जाते हैं। अतः सरल बनो। 
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मनाली…

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लाल दीवारें..

लाल दीवारें /भीगी नहीं हैरान थी  दीवारों से निकल   देखने आईं कुछ आँखें  हो विकल बारम्बार      कदम रह गये ठिठक कर उस द्वार  जिसके पीछे बहुत सी...
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इस बार जला कर मन का दीप  हरना तमस स्वयं का, समस्त ब्रह्मांड में भारत की अनंत, शाश्वत ज्योति हो। इस बार मनदीप जला, हरना तमस स्वयं का। ना केवल दीवारों...
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इस काल का वरण करें /IndianCricketTeam

इसकाल का वरण करें  जीत के आकाश से विजय कुसुम नहीं तो क्या  क्षण वो शंखनाद के  बना नहीं सके तो क्या  निशीथ के अंधेरों में  नव किरण नहीं तो...
इसकाल का वरण करें।

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