शुभकामनाएं /हो भविष्य उज्ज्वल ही उज्ज्वल
हो भविष्य उज्जवल ही उज्जवल
शुभकामना देता ये अंतस्तल गंगा सा मन रहे आपका
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अनकहा/बहुत कुछ कहने के बाद
बहुत कुछ
कहने के बाद भी
कितना कुछ रह जाता.. अनकहा
कितने प्रश्न अनुत्तरित ??
कितने स्वप्न -धूल...
Biometric attendance
बायो गैस
बायो वेस्ट
बायो टैक
और बायो डायवर्सिटी
के बाद नयी सोच
नयी उमंग के साथ
तरोताज़ा प्रयोग
बायोमैट्रिक हाजिरी
गुरुजन और अनुशासन
पर्याय एक दूजे के
अब अपनी उपस्थिति
अंगूठे से करायेंगे
अंगूठा छलनी...
आप सदा पूज्य हैं
सुबह सवेरे नहीं कर सकी वंदन
चरण रज दूर थी
अभिवादन भी लगा औपचारिक
क्योंकि कुछ नया नहीं था पास
दर्द बांट नहीं सकती
और
सुन कर दर्द
दर्द बहुत होता...
मैं वतन का हूँ सिपाही बाल कविता
मैं वतन का हूं सिपाही
मैं वतन का हूँ सिपाही
यह वतन हमदम मेरा
इसके सजदे करते-करते
बीते यह जीवन मेरा
मैं वतन का...
बसंती है बयार नाचता हर सूँ तिरंगा है
ज़िन्दगी चन्द पल की मेहमान है
खुद से मिलें या मिलें जमाने से
कह दो उनसे बहुत मसरूफ़* हैं हम
वो जो आते...



















