क्या है काशी?
जब जीवन ने पहली साँस ली,
गंगा के तट पर काशी बसी।
संस्कारों का दीप जला,
ज्ञान की गंगा यहाँ बही।
हर गली में इतिहास गूँजता,
हर कोने में...
वाराणसी मैं आ रही हूँ!
चाहती हूँ
भारत को करीब से देखना,
उसकी आत्मा को छूना,
ब्रह्मपुत्र के उद्गम से,
नर्मदा की हर धार तक बहना।
चाहती हूँ
कावेरी की लहरों में गहराई ढूंढना,
और गंगा...
निपुण भारत के निपुण कलाकार
भांति - भांति के देख गजानन
बचपन पर अभिमान हुआ
रंग बिरंगी थाली लड्डू
संग मूषक आह्वान हुआ
कृष्ण सिरहाना लिये गाजरी
लेटे थे बेफिक्री से
सिंहवाहिनी दुर्गा को
देख ईश...
Tounge Twister inCodeMix
चंचल चीता चला चमोली
चंचल चीता चला चमोली,
चूहों ने चबा ली चाट,
चूहे बोले चीते भैया,
छोड़ो चटपटी बात!
चंचल चीता चुपचाप
चपरम चिप्स चबाए,
चूहे चिपचिप चिपाते,
चटपटी चाट में...
पढ़ो आगे बढ़ो
बच्चों तुमको पढ़ना है
सबसे आगे बढ़ाना है
हर दिन मेहनत करनी है
तारों सा तुम्हें चमकना है
बच्चों तुमको पढ़ना है
सबसे आगे बढ़ना है
हर पन्ने में नए...
दीप
अन्तरतम का अंधियारा जो दूर भगा दे,
मन के भीतर ऐसा तुम एक दीप जलाओ।
बुझी-बुझी सी राहों को
जो रोशन कर दे,
अंधकार को मिटा
ज्ञान का सूर्य...
आत्मविश्वास की उड़ान
कविता: "आत्मविश्वास की उड़ान"
तू क्यों डरती है ऐ नारी,
तुझमें जब शक्ति छिपी सारी
बेशक है ये अंजानी सी,
तू स्वयं तो है पहचानी सी।
तूफानों से...
हिन्दी वीरों की बोली
हिंदी वीरों की बोली
हिंदी वीरों की है बोली,
कितनी इसने गाथा खोली।
रणभूमि में जो गरजे सिंह से ,
उनकी भाषा हिंदी बोली।
राणा, शिवा, लक्ष्मीबाई,
सिंह गर्जना करते...
सीमा त्रिखा का वादा शिक्षा का सूरज चमकेगा ज्यादा
निपुण भारत के अन्तर्गत चल रहा मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान मिशन ने अब सही मायने में प्रगति पथ पर रफ्तार पकड़ रहा है।...
क्या हरिद्वार जाना है ? जानें क्या नहीं करना?
हरि के चरण जहाँ हों वहाँ उस पवन पावन धाम पर कौन नहीं जाना चाहेगा भला!विष्णु के इस द्वार पर अपने जीवन में कम...
निपुण भारत नया भारत (मिशन मोड में भारतीय शिक्षा नीति)
जानकर परिवेश उसका
करें उसके दिल की बात
रोज-रोज, कदम दर कदम
चलना होगा उसके साथ
क्या सीखा? कितना सीखा?
और क्या बाकी अभी?
सीखने होंगे हमें
उसके अपने शब्द...
पचमढ़ी
आज भी उस दिन को याद
करती हूँ तो मन खुशी से भर जाता है जब हमारी कक्षा की शिक्षिका ने कहा कि तुम्हें पचमढ़ी...
आज का विचार
सरलता रंगों का स्वाभाविक गुण है। चाहे किसी भी रंग में मिलाओ ये सहज ही दूसरे में विलय हो जाते हैं। अतः सरल बनो।
चलो एक बार…
चलो एक बार फिर
भरें उड़ान
हौसलों से भर लो पर
रंग बिरंगे रंग ओढ़ कर
पुरातन पंथी ढंग छोड़कर
चलो फिर भरें उड़ान
तुम अनूठी हो
अद्भुत है तुममे साहस
करो...



























