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कैसे बताऊँ मैं ही तो सरकार हूँ..
क्य बताऊँ किसलिए बेजार हूँ
क्या बताऊँ किसलिए बेजार हूँ
रोज के हालात से लाचार हूँ
तरबतर हैं चप्पलें बरखा बगैर
दुर्गंध से भरा हुआ बाजार हूँ
मकानों में...
कसक #नईकविता #प्रीतिराघवचौहान
कुछ, न पाने की कसक
सब कुछ होने से ज्यादा है।
चाँद समूचा खिड़की में
पर अंधकार से वादा है
मंज़िल पर आ बैठे हैं
प्यास मगर है राह...
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TRAVEL GUIDE
Kabhi Zindagi se Milo
कभी ज़िन्दगी से मिलो जो तुम
उसे इत्तला करना ज़रूर
कभी मैं खफा कभी वो खफा
कितनी दफा मरना हुज़ूर
जो सुबह मिली तो थी धानी सी
सरे शाम...
ए जननी तेरा अभिनंदन…. After Pulwama Attack
ए जननी तेरा अभिनंदन
ए जननी तेरा अभिनंदन
है वंदन तेरी शिक्षा को
किया तिलक भेजा सुपुत्र
भारत भू की रक्षा को
वो...
PHONES & DEVICES
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दस्तक
दस्तक जीवन की मजारों पर
अक्सर अनसुनी हो जाती हैं
खुशनुमा दिनों की शमा
हर रात पिघल जाती है
मुरझा जाते हैं गुल सूखती स्मृति से
जीती जागती कुछ...
जब परिस्थितियाँ विपरीत हों, क्या करें?
जब परिस्थितियाँ विपरीत हों
क्या करें ?
प्रीति राघव चौहान
है बहुत अंधेरा कंदीलें जला लो यारों
घटा ने चांद छुपाया है हौंसला नहीं
...
TECH
महानगरीय आदमी
शिक्षित हो हर घर परिवार (नुक्कड़ नाटक)
आत्मविश्वास







































