Monday, January 5, 2026
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मैंने देखा एक पहाड़ कटा-कटा

मैंने देखा  एक बड़ा सा पहाड़ कटा- कटा केक जैसा मैंने देखा पहाड़ पर झरना रुका- रुका घर के नल जैसा मैंने देखी नदी स्कूल के आगे बने नाले जैसी मैंने देखा समुन्दर गाँव के...

कदम गिनो भाई कदम गिनो

                   कदम गिनो भाई कदम गिनो कदम गिनो भाई कदम गिनो  आगे बढ़ते कदम गिनो  विद्यालय है कितनी दूर  चलो...

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 घर वापसी नहीं कठिन है घर तो बच्चों घर होता है आंखें खोलो बांछेंं खोलो ऊँचा तुमसे सर होता है चाहे जितने मेले घूमो मेला...
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