Friday, March 20, 2026

Red light begger

 घर से था निकला मौजे जुनूँ में  किस हाल में है चलो ये भुला दें हाथों में देकर उसके किताबें  उसे पाठशाला में दाखिल करा दें बच्चा ही...
नई कविता( ये कोरोना के पतन का काल है!)

आज का सवाल?

ये कोरोना के पतन का काल है चहुंओर आजादी के खुशकत नजारे हवाओं में उछलते दिलकश ये नारे खांसते लोग खिड़कियों से झाँकते लिए पुनर्जागरण की फिर से...

मौसम मेरे शहर का

 मौसम  मेरे शहर का यह कदर बेइमान हुआ हर इक कतरा हवा का मौत का सामां हुआ किसका  पूछें हाल  बंधु हर कोई बेहाल...

Saksham practice material4thclass

नाम ... हिंदी अभ्यास दिनांक। कारक विद्यालय… ..                                 ...

कागज़

वो कागज़ थे  कोरे अनधुले जज़्बात और हालात ने  गीले और नीले किये सहेजे कुछ इस कदर वक्त ने पीले किये  अनमोल लम्हे जो  शब्दों में बांधे थे दस के भाव में  रद्दी...
Pachmari

पचमढ़ी

आज भी उस दिन को याद करती हूँ तो मन खुशी से भर जाता है जब हमारी कक्षा की शिक्षिका ने कहा कि तुम्हें पचमढ़ी...

दिल से

वो जिन्हें लेकर मुझे गुमां था दोस्ती का वो मेरे दोस्त नहीं महज़ खंजर थे जनाब यकीन न हो तो आप भी आजमां देखें चेहरे पर रमज़ान...

Just fly just fly

You will As you want So what You have no grant You can If you try So what  It is blakish sky  You win If you spin  All clouds  That makes you sin With hope  With full...

राम

जय श्रीराम तुम ही मेरी जीवन धारा  तुमसे पावन ये जग सारा सृष्टि के कण- कण में समाहित  हे रघुनन्दन नाम तुम्हारा  हे राघव मैं सृजन तुम्हारा  तुम्हें समर्पित...
[td_block_social_counter facebook=”envato” twitter=”envato” youtube=”envato”]
- Advertisement -

Featured

क्या आपको भी नहीं आती नींद
मन, बुद्धि और आत्मा का अनुशासन - योग
main kab kiske kam aaya

Most Popular

कागज़ की नाव

कागज की नाव..  रात भर बादलों ने जमकर किया नृत्य  हर छत-हर पात पर कुछ इस तरह कि सूरज खुलकर मुस्काना भूल गया बस धीरे-धीरे भीगी हर चीज़... हर कोना... हर...
PaperBoat

Anger Management..

Latest reviews

फोनवा भये बीमार

एक बार की बात है फोन हुआ बीमार परदे के पट बन्द थे बैटरी भी लाचार तरह-तरह के चार्जर तरह-तरह के तार जतन किए...
फोनवा भए बीमार

श्वेतलाना

एक जंगल था। सावन - भादों में तो बहुत ही घना और हरा-भरा हो जाता था। उस जंगल में बहुत सारे मलबरी यानी शहतूत...
इल्ली की कहानी

मैंक्यों रुकूँ???

मैं क्यों रुकूँ, मैं क्यों झुकूँ..  दूसरे की ताल पर गीत कोई  क्यों लिखूँ              माना बड़ी उड़ान है        ...
दूसरे की ताल पर गीत कोई क्यों लिखूँ..

More News