विद्यालय

पढ़ेगा भारत

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हाल देखिए विद्यालय का कैसे काम तमाम हुआ

सारा सरकारी अमला क्यों कर है बदनाम हुआ

नौ तक आ जाते हैं छ:के छ:बारी-बारी

राशन बँटते ही कर लेते हैं जाने की तैयारी

एक को जाना राशन लेने दूजे को घर काम हुआ

सारा सरकारी अमला क्यों कर है बदनाम हुआ

जो ज्यादा बुद्धि नशीन है डाक बनावे सारा दिन

बचा मास्टर लेकर सोटा बालक घेरे सारा दिन

जो फरलो का नशीन है अॉन ड्यूटी पर जाम हुआ

सारा सरकारी अमला क्यों कर है बदनाम हुआ

मोबाइल  पर मिले सूचना सारा दिन अब बैठे कौन

प्रजातंत्र है एक दूजे की देख लगा जाते हैं मौन

अधिकारी जब भी आए सबका उन्हें सलाम हुआ

सारा सरकारी अमला क्यों करें बदनाम हुआ

पोल ढोल की बनी रहे बड़बड़ करते रहते हैं आम

बच्चा बच्चा आठ  पढ़ गया लिखना ना आवे है राम

पढ़ेगा भारत बढ़ेगा भारत  घर घर नारा आम हुआ

सारा सरकारी अमला क्यों कर है बदनाम हुआ

प्रीति राघव चौहान

VIAPritiraghavchauhan
SOURCEPritiraghavchauhan
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नाम:प्रीति राघव चौहान शिक्षा :एम. ए. (हिन्दी) बी. एड. एक रचनाकार सदैव अपनी कृतियों के रूप में जीवित रहता है। वह सदैव नित नूतन की खोज में रहता है। तमाम अवरोधों और संघर्षों के बावजूद ये बंजारा पूर्णतः मोक्ष की चाह में निरन्तर प्रयास रत रहता है। ऐसी ही एक रचनाकार प्रीति राघव चौहान मध्यम वर्ग से जुड़ी अनूठी रचनाकार हैं।इन्होंने फर्श से अर्श तक विभिन्न रचनायें लिखीं है ।1989 से ये लेखन कार्य में सक्रिय हैं। 2013 से इन्होंने ऑनलाइन लेखन में प्रवेश किया । अनंत यात्रा, ब्लॉग -अनंतयात्रा. कॉम, योर कोट इन व प्रीतिराघवचौहान. कॉम, व हिन्दीस्पीकिंग ट्री पर ये निरन्तर सक्रिय रहती हैं ।इनकी रचनायें चाहे वो कवितायें हों या कहानी लेख हों या विचार सभी के मन को आन्दोलित करने में समर्थ हैं ।किसी नदी की भांति इनकी सृजन क्षमता शनै:शनै: बढ़ती ही जा रही है ।

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