Tuesday, November 29, 2022
Tags PritiRaghavChauhan/अहंकार

Tag: PritiRaghavChauhan/अहंकार

Ahankar

मैंने जब भी तलाशे इक कंकर डाल रुके हुए पानी में अपनी उलझनों के हल मुझेअपनी उलझने वर्तुलाकार लगीं जितना तलाशा उतना  बढ़ाया सिलसिला यूँ कभी थमने ना पाया आज...
- Advertisement -

MOST POPULAR

HOT NEWS