इस काल का वरण करें /IndianCricketTeam
इसकाल का वरण करें
जीत के आकाश से
विजय कुसुम नहीं तो क्या
क्षण वो शंखनाद के
बना नहीं सके तो क्या
निशीथ के अंधेरों में
नव किरण नहीं तो...
मैंने देखा एक पहाड़ कटा-कटा
मैंने देखा
एक बड़ा सा पहाड़
कटा- कटा
केक जैसा
मैंने देखा
पहाड़ पर झरना
रुका- रुका
घर के नल जैसा
मैंने देखी नदी
स्कूल के आगे बने नाले जैसी
मैंने देखा समुन्दर
गाँव के...
मेवाती
दो दिन से लंच बॉक्स स्कूल में भूलरही थी तीसरे दिन फिर एक बैग और लंच बॉक्स लिए वह स्कूल पहुंची। विद्यालय के सभी...
हिन्दी में अल्पज्ञ ए आई
हिन्दी में अल्पज्ञ ए आई
AI आज के दौर का आधुनिक मानव निर्मित इंसान.. हर क्षेत्र में तेजी से अपने पैर पसार रही है। लेकिन...
फोन का उपवास
#फोन चलो आज फोन का उपवास करते हैं
https://pritiraghavchauhan...
चलो आज फोन का उपवास करते हैं
चलो आज फोन का उपवास करते हैं
नहीं देखेंगे व्हाट्सएप चैट
ना देखेंगे...
तीज
तीज pritiraghavchauhan.com
सज सँवर कर तीज पर
मेंहदी सजी हथेलियाँ
भर-भर कलाई चूड़ियाँ
अंजन भरी आँखे लिये
होठों पे रचा सुर्खियाँ
लाल पीले घाघरे
सिर पर हरी चुनरियाँ
रुनझुन करती पायलें
और साड़ियों में...
किताबें
किताबें
किताबों में किस्से हैं कलमा है चौपाई भी
तेरी मेरी इसकी उसकी सी लगती कविताई भी
किताबों में कल है रोमांचक पल हैं
काले हर्फ़ों में लिखें...
उम्र भर जिनको तराशा इंसान बनाकर रात दिन देखते ही देखते वो ...
2मार्च 2009..एक मुस्लिम बहुल इलाके में छत्तीस वर्ष की आयु में गैस्ट टीचर के रूप में नियुक्ति। सुना था मिनी पाकिस्तान है! किन्तु पहुंचने...
उत्कर्ष
प्रीति राघव चौहान उत्कर्ष
PritiRaghavChauhan
प्रीति राघव चौहान
उत्कर्ष
कोलाहल चहुंओर व्याप्त है द्वंद चतुर्दिक घेरे
मैं और मैं की अमराई में निस दिन लगते फेरे
तू- तू...
















