भगत सिंह

देश भक्ति गीत /ए भगतसिंह तेरी फिर आज जरूरत है

ए भगतसिंह तेरी फिर आज जरूरत है तू लौट के आजा रे खाली तेरी मूरत है मेरे देश को खतरा है घर के गद्दारों से इन जात...

स्वतंत्रता दिवस पर दिल से

 बात जब जश्न ए आजादी की चली है तो चलो हम भी कह दें.. तिरंगा शान है मेरी तिरंगा जान है मेरी इसके रहते मुझे...

नदी

फिर तोड़कर चली है वो बांध और किनारे हँसते थे कभी जिसको अल्हड़ सी नदी कहकर मायूस न हो लौटना अब उसका नहीं होगा सदियों से था...

मन रीता सा क्यों है /अजान और घंटों में जंग

रुककर कब किसी को हासिल हुआ मुकाम मील के पत्थर ने फुसफुसा कर फरमाया ###### आजाद देश में आजादी से दुआ पढ़ मगर शोर न कर खुदा के बंदे अजान और...

रही होगी वजह कोई.. प्रीति

रही होगी वजह कोई जो उसने छोड़ दी महफिल उसे मगरूर कहकर क्यों भला हर पल चिढ़ाते हो है ढाई चाल में माहिर ना बैसाखियों पर जा है लम्बी रेस...

बंध्या

गृह प्रवेश करते ही पूछना क्या हुआ क्यों है पशेमां और कहना उसका तल्ख ज़बान में ऐ माँ तू ही है मेरा अश्क ए पता तेरा मेरे सामने बैठना मुझे यूँ बेवजह निहारना बस...

सोशल मीडिया दीमक है

वो सुनेंगे भी देखेंगे भी पर कर सकेंगे कुछ नहीं वो क्या जाने सोशल मीडिया दीमक है.. मीडिया से भी भयावह दांत वाला हाथ वाला हाथ भी ऐसे कांधों पे बिठा लें जी में आये तो कुर्सी से...

दिल से

वो जिन्हें लेकर मुझे गुमां था दोस्ती का वो मेरे दोस्त नहीं महज़ खंजर थे जनाब यकीन न हो तो आप भी आजमां देखें चेहरे पर रमज़ान...

अशआर

क्या जरूरी है कि कुछ बोल के समझाया जाये लोग चुप रह कर भी हाले दिल बयान करतें हैं हर बात बोल के समझाओ ये जरूरी...

No more jokes on ladies…

मैं औरत हूँ हर सब्जी में मिल खुश होना चाहती हूँ क्या करूँ उसने हरा जामा पहनाया लगे अगर किसी को मेरा क्या कुसूर मैं भी सोई हुई थी.. अचानक जागरण हुआ  क्या...