यशोधरा प्रश्न
जाने कितनी वासवदत्ता
आई होंगी द्वार तिहारे
ओढ़ चांदनी और अंगड़ाई
लेकर होंगे पंथ बुहारे
किंतु देव में मलिन
सहमी हुई सी एक लता
आजन्म रहूँगी कृतज्ञ
जो होऊँ बंदी अंक...
उस द्वार के पार
उस द्वार के पार
रह जाएंगे
सारे वहम्
सारे अहम्
संग्रह सभी विचारों के
सब गठरियाँ
सब ठठरियाँ
पत्थर सभी
मजारों के
उस द्वार के पार
रह जाायेंगे .. प्रीति राघव चौहान ।
छोटी सी प्रेरणा
ईमानदारी बड़े और अमीर लोगों में सहजता से मिल सकती है क्योंकि लम्बी अच्छी परवरिश के बाद किसी का ईमानदार होना स्वाभाविक है। यदि...
रंगीली ऋतुएँ
रंगीली ऋतुओं के रंग
कक्षा पहली के संग
नाक सभी की
लाल हो गई
लाल हो गए गाल
मैं हूं सर्दी रानी भैया
देखो मेरा कमाल
जब मैं आऊँ
सारे पत्ते गिर...
आजादी का मोल
आजादी का मोल
आजादी का मूल्य क्या है? काश! बता पाता वो शिशु जो माँ की कोख से निकला है अभी..अभी। आधी से ज्यादा आबादी...
आज का विचार
अपने देश को नुकसान पहुँचा कर कोई राष्ट्र कभी आगे नहीं बढ़ सकता।
नई कविता एक किसान की कसक
एक किसान की कसक...
नहीं चाहता मैं विरोध को
नहीं चाहता गतिरोध को
नहीं चाहता लालकिला मैं
मुझको बस इतना भर कर दो
कर्ज़ो से बस बाहर कर दो
मैं...
आज का सुविचार
सृजनात्मकता व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार लाती है और उसकी जिजीविषा को भी बढ़ाती है।
Fog On The Mars
दस्तक
जीवन की
दस्तक जीवन की
मजारों पर
अक्सर अनसुनी हो जाती है
खुशनुमा दिनों के कई शमा
हर रात पिघल जाती है
मुरझा जाते हैं गुल
सूखती स्मृति से
जीती-जागती/...
उपसर्ग और प्रत्यय जवाहर नवोदय प्रीति राघव चौहान
उपसर्ग और प्रत्यय
वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं।
उत्पत्ति के आधार पर शब्द के तीन भेद होते हैं।
• रूढ़
• यौगिक...












