चन्द अशआर

ज़िन्दगी वो किताब है  जिसमें हैं बेहिसाब गुल्म गज़ल जो ढूंढ लेता है बस वही है सुखनवर धूप उतरती है पेड़ों से  चाँदनी बन कर  जैसे उतरा हो कोई...

हो जाओ तैयार साथियों

हो जाओ तैयार साथियों फिर से सब एक बार कमर कसो फोर एस हेतु शिक्षा को दो विस्तार शिक्षा आज हमें देनी है  पूर्ण समझ के साथ  स्वास्थ्य, स्किल, स्पोर्ट्स मिला...
कहे दुलारी हँसकर भैया रामलली का डिब्बा गोल

मेरे घर में कोई न कोना?

मेरे घर में कोई न कोना दीवारों की गिनती बोल तीजी मंजिल बना तिकोना छत्तीस खिड़की घन बेडौल कहे दुलारी हँसकर भैया रामलली का डिब्बा गोल जितनी नाली जितने...

मैं उसकी आँख का पानी हूँ (शहीद उधम सिंह की आँखों देखी)

मैं उसकी आँख का पानी हूँ  बोलो कैसे मर सकता हूँ  उसकी पुरजोर जवानी हूँ  बोलो कैसे मर सकता हूँ है चॉक कलेजा सुनकर ही उसकी आँखों देखी गाथा रक्त...

वैदिक युग से शुरु हुई मैं संस्कृत प्राकृत की चेरी

वैदिक युग से शुरु हुई मैं संस्कृत प्राकृत की चेरी आर्य नादों में बजती थी मेरे सुर की रणभेरी  सिन्धु देश में अश्वमेघ सम छाप मिलेगी मेरी अपभ्रंश और अवधी...
नीलोफ़र सुपुत्री श्री जमशेद खान

मेवात की बेटियाँ रच रहीं इतिहास

भागदौड़ में भूले जो वो भी तो कहना है बन्धु चुपके चुपके इतिहास रचा वो भी तो लिखना है बन्धु एक गाँव सड़क किनारे है बालक उसमें सब...