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राम

कण कण में राम जन जन में राम मन मन में राम तन तन में राम वन वन में राम मधु वन में राम टन टन में...

आज का विचार

सरलता रंगों का स्वाभाविक गुण है। चाहे किसी भी रंग में मिलाओ ये सहज ही दूसरे में विलय हो जाते हैं। अतः सरल बनो। 

चलो एक बार…

चलो एक बार फिर भरें उड़ान हौसलों से भर लो पर रंग बिरंगे रंग ओढ़ कर पुरातन पंथी ढंग छोड़कर चलो फिर भरें उड़ान  तुम अनूठी हो अद्भुत है तुममे साहस करो...

सूरज

ये सूरज है... चाँद जैसा हवा में लटके                                 धूल और...

इस काल का वरण करें /IndianCricketTeam

इसकाल का वरण करें  जीत के आकाश से विजय कुसुम नहीं तो क्या  क्षण वो शंखनाद के  बना नहीं सके तो क्या  निशीथ के अंधेरों में  नव किरण नहीं तो...

मैंने देखा एक पहाड़ कटा-कटा

मैंने देखा  एक बड़ा सा पहाड़ कटा- कटा केक जैसा मैंने देखा पहाड़ पर झरना रुका- रुका घर के नल जैसा मैंने देखी नदी स्कूल के आगे बने नाले जैसी मैंने देखा समुन्दर गाँव के...
HasyYoga

HasyYoga

मेवाती

मेवाती

दो दिन से लंच बॉक्स स्कूल में भूलरही थी तीसरे दिन फिर एक बैग और लंच बॉक्स लिए वह स्कूल पहुंची। विद्यालय के सभी...