थारे छोरे जितनी पढ़ री(हरियाणवी गीत)
थारे छोरे जितनी पढ़ री सूँ
मत ना कहो सिर पे चढ़ री सूँ
मैं घूँघट ऊँगट ना काढ़ू
मनै सूट सिमा दो माता जी
मैं नथनी वथनी ना पहरूँ
मनै टैब दिला दो माता जी
थारा छोरा मोटर साइकल...
ऐ हिंन्दोस्तान
आंधियों से तुझको लड़ना सिखा दूं तो चलूँ
ऐ सेहरा तुझको गुलशन बना दूं तो चलूँ
मुझको तो जाना ही है ऐ हिंन्दोस्तान एक दिन
सच के वास्ते तुझे जीना सिखा दूं तो चलूँ
...
दो कांधे और चाहियें
कुछ वक्त और
ठहर जा ऐ ज़िन्दगी
दो कांधे और चाहिये
बेटियाँ कुंवारी हैं अभी
देशभक्ति गीत
मैं वतन का हूं सिपाही
यह वतन हमदम मेरा
इसके सजदे करते करते
बीते यह जीवन मेरा है
मैं वतन कहूं सिपाही
यह वतन हमदम मेराा
इसकी मिट्टी ने संवारा
इस पर ही जीवन निसार
इसकी...














