This Week Trends
टॉफ़ी देकर खुश करते हो
मुझको कॉपी लाकर दो
बहुत हुये अब उतरे कपड़े
मुझको वर्दी लाकर दो
हाथ गाड़ियाँ बहुत चलाई
बालू महल बनाये खूब
ढक्कन डिबिया जोड़ लिये हैं
स्लेट और बत्ती लाकर दो
नहीं जानते कैसे दाखिल
करना है विद्यालय में
माई बाबू ईंट ढो रहे
मुझको...
You will
As you want
So what
You have no grant
You can
If you try
So what
It is blakish sky
You win
If you spin
All clouds
That makes you sin
With hope
With full joy
Do't shy
Just fly just fly
Pritiraghavchauhan
.
मैंने जब भी तलाशे
इक कंकर डाल
रुके हुए पानी में
अपनी उलझनों के हल
मुझेअपनी उलझने वर्तुलाकार लगीं
जितना तलाशा उतना बढ़ाया
सिलसिला यूँ कभी थमने ना पाया
आज थक कर चुपचाप जो बैठा
मेरे समक्ष " मैं"था बिल्कुल मुझ जैसा
1.सहानुभूति की चाह__ ...
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ये मेरा भारत न्यारा मनै सै सबतै प्यारा /हरियाणवी देश भक्ति गीत
ये म्हारा भारत न्यारा
ये म्हारा भारत न्यारा
मनै सै सबतै प्यारा
मनै मत यूं पूछे ए
लगे क्यूं सबतै प्यारा
गजब की शान सै इसकी
झुके ना आन रै...
आज का विचार
नये विचार को
ग्रहण करने के लिये
विचार शून्य होना जरूरी है ।
आप सदा पूज्य हैं
सुबह सवेरे नहीं कर सकी वंदन
चरण रज दूर थी
अभिवादन भी लगा औपचारिक
क्योंकि कुछ नया नहीं था पास
दर्द बांट नहीं सकती
और
सुन कर दर्द
दर्द बहुत होता...
आज का विचार
"आस्था का सूर्य
उदय होते ही जग
प्रकृति की हर शय
खूबसूरत नज़र आती है।"
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कुरुक्षेत्र धरोहर
कुरुक्षेत्र धरोहर
हमने देखे छाज, हमने देखे छज्जे
हमने देखे ठाठ, हमने देखे ठठ्ठे
हमने देखे काठ के
कठौती और कठ्ठुए
बोहिये बनावण आली
बीरबानी देखी
चूड़ियाँ पहराण आली
लिछमी मनिहारी देखी
टोकनी...
कैसे बताऊँ मैं ही तो सरकार हूँ..
क्य बताऊँ किसलिए बेजार हूँ
क्या बताऊँ किसलिए बेजार हूँ
रोज के हालात से लाचार हूँ
तरबतर हैं चप्पलें बरखा बगैर
दुर्गंध से भरा हुआ बाजार हूँ
मकानों में...
कसक #नईकविता #प्रीतिराघवचौहान
कुछ, न पाने की कसक
सब कुछ होने से ज्यादा है।
चाँद समूचा खिड़की में
पर अंधकार से वादा है
मंज़िल पर आ बैठे हैं
प्यास मगर है राह...
TheTeacher
यदि समाज में जड़ता है,
ये जड़ता कौन मिटाएगा?
किसकी ज़िम्मेदारी है ये,
राहें कौन दिखाएगा?
हर चॉक की रेख से पूछो,
किसने दुनिया बदली है?
हर पुस्तक के पृष्ठ...






































