Monday, January 5, 2026

मंदिर मंदिर पंडे बैठे

मंदिर मंदिर बैठे पंडे मंदिर बाहर बैठे वृद्ध राम ढूंढते वन वन भटके घर के ऊपर फिरते गिद्ध  खुशहाली को खुशी खा गई  सड़कों पर है बदहाली  दिल्ली से है...

Children Poem in Hindi

आजादी क्या मिली वो स्वच्छंद हो गये

आजादी क्या मिली वो स्वच्छंद हो गये कतारों में लगे लोग लामबंद हो गये हांकने वाले भी थे हुजूम में शामिल आजाद तराने गलों  में बंद हो गए जलसा जुलूस में तब्दील हो...
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आग

  वो आग जो तसले में पली  आग जिसने जोड़ा सभी को वो आग जिसने तोड़ा सभी को वो आग जो शाम को...
आग-नई कविता

Aaj ka Vichar in Hindi

थारे छोरे जितनी पढ़ री(हरियाणवी गीत)

थारे छोरे जितनी पढ़ री सूँ मत ना कहो सिर पे चढ़ री सूँ मैं घूँघट ऊँगट ना काढ़ू मनै सूट सिमा दो माता जी मैं नथनी वथनी...

बड़ा आदमी

कुछ रंगीन कंचे, लेमनचूस की गोलियां और चंद टॉफियां जेब में लिए फिरता...
कब तृण हारा तू बोल जरा

कब तृण हारा तू बोल जरा

खाली झंझावातों से अंधियारी काली रातों से अंबर डोले बेशक डोले कब तृण हारा तू बोल जरा कदम ताल के तले सही ओस भाल से ढले सही फूट पड़ा चट्टानों...

जब परिस्थितियाँ विपरीत हों, क्या करें?

जब परिस्थितियाँ विपरीत हों क्या करें ?  प्रीति राघव चौहान   है बहुत अंधेरा कंदीलें जला लो यारों  घटा ने चांद छुपाया है हौंसला नहीं  ...

तीज

तीज pritiraghavchauhan.com सज सँवर कर तीज पर   मेंहदी सजी हथेलियाँ  भर-भर कलाई चूड़ियाँ  अंजन भरी आँखे लिये  होठों पे रचा सुर्खियाँ लाल पीले घाघरे सिर पर हरी चुनरियाँ रुनझुन करती पायलें और साड़ियों में...
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HOLIDAY RECIPES

बोलो रानी/जीजिविषा

जीजिविषा रोज रचती है आड़ी तिरछी लकीरों से काले नीले लाल पीले सतरंगी सुनहरे पल… रास्तों की कालिख धोने को हाथ हैं मशीन भी...
बोलो रानी