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मंदिर मंदिर पंडे बैठे
मंदिर मंदिर बैठे पंडे
मंदिर बाहर बैठे वृद्ध
राम ढूंढते वन वन भटके
घर के ऊपर फिरते गिद्ध
खुशहाली को खुशी खा गई
सड़कों पर है बदहाली
दिल्ली से है...
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आजादी क्या मिली वो स्वच्छंद हो गये
आजादी क्या मिली
वो स्वच्छंद हो गये
कतारों में लगे लोग
लामबंद हो गये
हांकने वाले भी थे
हुजूम में शामिल
आजाद तराने गलों
में बंद हो गए
जलसा जुलूस में
तब्दील हो...
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Aaj ka Vichar in Hindi
थारे छोरे जितनी पढ़ री(हरियाणवी गीत)
थारे छोरे जितनी पढ़ री सूँ
मत ना कहो सिर पे चढ़ री सूँ
मैं घूँघट ऊँगट ना काढ़ू
मनै सूट सिमा दो माता जी
मैं नथनी वथनी...
बड़ा आदमी
कुछ रंगीन कंचे,
लेमनचूस की गोलियां
और चंद टॉफियां
जेब में लिए फिरता...
कब तृण हारा तू बोल जरा
खाली झंझावातों से
अंधियारी काली रातों से
अंबर डोले बेशक डोले
कब तृण हारा तू बोल जरा
कदम ताल के तले सही
ओस भाल से ढले सही
फूट पड़ा चट्टानों...
जब परिस्थितियाँ विपरीत हों, क्या करें?
जब परिस्थितियाँ विपरीत हों
क्या करें ?
प्रीति राघव चौहान
है बहुत अंधेरा कंदीलें जला लो यारों
घटा ने चांद छुपाया है हौंसला नहीं
...
तीज
तीज pritiraghavchauhan.com
सज सँवर कर तीज पर
मेंहदी सजी हथेलियाँ
भर-भर कलाई चूड़ियाँ
अंजन भरी आँखे लिये
होठों पे रचा सुर्खियाँ
लाल पीले घाघरे
सिर पर हरी चुनरियाँ
रुनझुन करती पायलें
और साड़ियों में...
HOLIDAY RECIPES
बोलो रानी/जीजिविषा
जीजिविषा रोज रचती है
आड़ी तिरछी लकीरों से
काले नीले लाल पीले
सतरंगी सुनहरे पल…
रास्तों की कालिख
धोने को हाथ हैं
मशीन भी...
बोलो रानी
































