Saturday, March 21, 2026
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बूहे खोल ना माड़ी

बूहे खोल ना माड़ी धूल राहों की काबिज है जहाँ की धूलि में खेला उसी में मिलने आया हूँ परिंदा था मैं आवारा परवाज़े न...
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