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Priti Raghav Chauhan
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मिटे विकार मन का।
Tag: मिटे विकार मन का।
नई कविता
दीपावली
pritiraghavchauhan.com
-
October 31, 2024
0
इस बार जला कर मन का दीप हरना तमस स्वयं का, समस्त ब्रह्मांड में भारत की अनंत, शाश्वत ज्योति हो। इस बार मनदीप जला, हरना तमस स्वयं का। ना केवल दीवारों...
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