आज का सवाल?
ये कोरोना के पतन का काल है
चहुंओर आजादी के खुशकत नजारे
हवाओं में उछलते दिलकश ये नारे
खांसते लोग खिड़कियों से झाँकते
लिए पुनर्जागरण की फिर से...
सियासी झगड़ों से बचपन को बचाना था
सियासी झगड़ों से बचपन को बचाना था
दुनियावी बातों में हम दीवानावार हुए
न रहे अपनो के न गैरे तलबगार हुए
साथी सभी एक एक कर खुदा...
वो आखिरी ख़त
जब छोड़ा शहर तेरा मैंने
तेरा मन ही मन घबराना
उस सर्पिल पगडंडी पर
तेरा पीछे पीछे आना
कैसे भूल मैं सकती हूँ
वो नम राहें वो भारी दिन
वो...
मैं शिक्षा विभाग में शरणार्थी हूँ
मैं शिक्षा विभाग में शरणार्थी हूँ
लगा रहता हूँ जद्दोजहद में
छिपाने अपने पैबंद
लाता हूँ रवि बाजार से
उतरन और पुरानी मसंद
पढ़ाना फिर वोट बनाना
और नोटों के...
गाँव का बाशिंदा
माना कि साल अभी नया नया सा है
चहूँ ओर कोहरे का छाया धुँआ सा है
मेरा दर मेरी खिड़की बंद है बेज़ा नहीं
बाहर सर्द समन्दर...
कंदील
दिन में पतंगें
रात को कंदील
उड़ाई हवा में
जैसे अबाबील
कटती रही पतंगें
बुझती रहीं कंदील
कोई दुआ हुई ना
तेरे दर पे तामील
पतंग सी आशिकी
पीर सी कंदील
पहली करील सी
दूजी...
लक्ष्य नया अपनाना होगा
लक्ष्य नया अपनाना होगा
लकीर के फकीर को
कब मिली डगर नई
आंधी में अधीर को
कब मिली सहर नई
सबसे हटकर चलना है तो
लक्ष्य नया अपनाना होगा
दुनिया तेरे...
जीवन के बंजारे पन को एक नया मुकाम दिलाएँ
आज नए संकल्प बनाएँ 3/01/2022
हर चेहरे पर हो मुस्काने
आज नए संकल्प बनाएँ
जीवन के बंजारेपन को
अब एक नया मुकाम दिलाएँ
हर चेहरे पर हो मुस्काने
आज नए...
हे सृष्टि कर अभिनंदन आने वाले साल का
उम्मीद के कपाट को
बसंत खटखटा रहा
हस्त ले अमृत कलश
वर्ष नया आ रहा
हे सृष्टि कर अभिनंदन
नव नृत्य नव ताल का
मुस्कुराकर कर स्वागत
तू आने वाले साल...
मौन को आवाज दो
मौन को आवाज दो
बोलते हैं आज पत्थर
ज़िन्दगी को साज दो
गीत नित नूतन रचो
मौन को आवाज दो
ढक रहा काला कुहासा
क्षितिज तक की लालिमा
पीर है गहरी...















