कालू जी की मूँछ

कालू जी ने खूब बढ़ाई  लम्बी लम्बी मूँछ  चले अकड़ कर घर से  बाहर होगी मेरी पूंछ मुर्रा जैसे सींगों वाली दिखती उनकी मूंछ मार मरोड़ा बस में ठाड़े  जैसे हों...

निपुण नया भारत, हमसे बढ़े भारत (शिक्षा पर नारे)

नारे- *निपुण नया भारत  हमसे बढ़े भारत   *पढ़ेगा मेवात  बढ़ेगा मेवात    *करना है मिलकर  दोबारा  शिक्षा से हर घर उजियारा    *छुटकी मुन्नू छूट न जाएँ चलो दाखिला अभी कराएँ    *शिक्षित होगा हर परिवार  हर घर...

शिक्षित हो हर घर परिवार (नुक्कड़ नाटक)

शिक्षित हो हर घर परिवार    सभी बच्चों का समवेत स्वर-)  सुनो सुनो भाई सुनो सुनो  सुनो सुनो भाई सुनो सुनो    (सभी बच्चे)  चलो चलें एक नए सफर पर  देखें नई...

विश्व भर की महिलाओं को…

वो सृष्टि है औरतें जब बैठती हैं..   औरतें जब बैठती हैं एक साथ चंद पल फुर्सत के निकाल मुस्कुराती हैं हँसती हैं चहकती हैं फफकती हैं और कभी-कभी शोलों...

मेरे मेरे अंदर का इक बच्चा बड़ा होने से डरता है बड़े लोगों की...

मेरे अंदर का इक बच्चा बड़ा होने से डरता है बड़े लोगों की दुनिया में खड़ा होनेसे डरता है जमाने भर की गर्दिश है लपेटे अपने हाथों में जरा...
रंग हवा में केसरिया है नीला पीला लाल

बोलो सा रा रा रा

रंग हवा में केसरिया और नीला पीला लाल गलियों में निकली हैं टोली मच रहा खूब धमाल बोलो सा रा रा रा जोगीरा सा रा रा रा खबरों में है...

चींटी के पर

चींटी के पर एक बार एक चींटी थी। बहुत नाज़ुक, बहुत महीन, बहुत छोटी सी। उसके पास कुछ भी ऐसा न था कि उसे कोई...

भारत वर्ष है प्यारा

आजादी का अधिकार दिया है  समता का अधिकार दिया   धर्म हमें चुनने का जहाँ मिला अधिकार वो भारत वर्ष है प्यारा अमर गणतंत्र हमारा शिक्षा का अधिकार दिया है  भोजन का...

बस तुम और मैं..

अब क्या होगा इस दुनिया में?  जो आकर कोई पूछेगा वो स्वयं ही अपनी पहेली को मेरे शब्दों में बूझेगा अनघड़ औघड़ बेजां बातें  क्यों कर- कर वक्त गुजारें...