अक्कू जी

अक्कू जी

अकड़ अकड़ कर अक्कू जी अण्डा लेने गये बाजार अम्मा ने अचकन पहनाई दे दिए रुपये एक सौ चार दस रुपये की अदरक ली तीस रुपये का लिया अचार फल...
कब तृण हारा तू बोल जरा

कब तृण हारा तू बोल जरा

खाली झंझावातों से अंधियारी काली रातों से अंबर डोले बेशक डोले कब तृण हारा तू बोल जरा कदम ताल के तले सही ओस भाल से ढले सही फूट पड़ा चट्टानों...
सजग भारत स्वस्थ भारत

सजग भारत स्वस्थ भारत

जवान सीमा का प्रहरी है, और सजग भारतीय देश का राष्ट्र इस समय अत्यंत कष्टकारी संकट से गुजर रहा है, हम सभी देशवासियों को मिलजुलकर...
प्रेरक विचार

आज का विचार

मन के पथ पर दौड़ रहे  जितने गहन विचार  उतना ही छाया रहे  अन्तरघट अंधियार  जितना निर्मल चित्त ले  तू आया हरि के द्वार  उतना ही रोशन दिखे  ये सारा संसार 
आस्था का सूर्य उदय होते ही जग प्रकृति की हर शय खूबसूरत नज़र आती है।

आज का विचार

"आस्था का सूर्य  उदय होते ही जग प्रकृति की हर शय खूबसूरत नज़र आती है।"