Thursday, May 23, 2024
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किताबें

किताबें किताबों में किस्से हैं कलमा है चौपाई भी तेरी मेरी इसकी उसकी सी लगती कविताई भी किताबों में कल है रोमांचक पल हैं काले हर्फ़ों में लिखें...

मैं उसकी आँख का पानी हूँ (शहीद उधम सिंह की आँखों...

मैं उसकी आँख का पानी हूँ  बोलो कैसे मर सकता हूँ  उसकी पुरजोर जवानी हूँ  बोलो कैसे मर सकता हूँ है चॉक कलेजा सुनकर ही उसकी आँखों देखी गाथा रक्त...

मेवात की बेटियाँ रच रहीं इतिहास

भागदौड़ में भूले जो वो भी तो कहना है बन्धु चुपके चुपके इतिहास रचा वो भी तो लिखना है बन्धु एक गाँव सड़क किनारे है बालक उसमें सब...

क्या आपको भी नहीं आती नींद…

क्या आपको भी नहीं आती नींद? आज के लॉकडाउन पीरियड में लगभग तमाम महानगरों में ज़िन्दगी जैसे थम सी गई है। लोगों के पास अपने...

मोनालिसा – 2

मैं चाहते हुए भी मोनालिसा नहीं बन पाती क्योंकि मुस्कुराना कभी आया ही नहीं...

आज का विचार

कुछ पन्ने उजले तो कुछ स्याह सही हर इम्तिहान कुछ नया सिखा के गया

थारे छोरे जितनी पढ़ री(हरियाणवी गीत)

थारे छोरे जितनी पढ़ री सूँ मत ना कहो सिर पे चढ़ री सूँ मैं घूँघट ऊँगट ना काढ़ू मनै सूट सिमा दो माता जी मैं नथनी वथनी...
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