Thursday, May 23, 2024
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बंध्या

गृह प्रवेश करते ही पूछना क्या हुआ क्यों है पशेमां और कहना उसका तल्ख ज़बान में ऐ माँ तू ही है मेरा अश्क ए पता तेरा मेरे सामने बैठना मुझे यूँ बेवजह निहारना बस...

कुछ शेर dil se

क्यों इतनी उलझने  क्यों इतने फासले हैं गैर से लगने लगे अपनों के काफिले हैं कारवां लिए एक गुबार साथ चल रहा कैसा है यह सफर कैसे ...
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