Saturday, October 23, 2021
Tags प्रीति राघव चौहान

Tag: प्रीति राघव चौहान

वैदिक युग से शुरु हुई मैं संस्कृत प्राकृत की चेरी

वैदिक युग से शुरु हुई मैं संस्कृत प्राकृत की चेरी आर्य नादों में बजती थी मेरे सुर की रणभेरी  सिन्धु देश में अश्वमेघ सम छाप मिलेगी मेरी अपभ्रंश और अवधी...

गर्मी किसे लगती है

माँ बहुत गर्मी है,  अब कैसे सबक याद करुँ?  अपनी आँखें बंद करो और  कहो हिंदुस्तान हूँ। 

किस्से

किताबों में किस्से हैं स्याह सफेद किरदारों के हमारे /तुम्हारे /इसके /उसके जाने किस किस के किस्से  जो काले हर्फ़ों में...

आज का विचार

आदर्श उच्च हों तो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अनुकूलता आ जाती है । 

नदी

फिर तोड़कर चली है वो बांध और किनारे हँसते थे कभी जिसको अल्हड़ सी नदी कहकर मायूस न हो लौटना अब उसका नहीं होगा सदियों से था...

अब्बू के नाम

02अप्रैल2018 प्यारे अब्बा जी के नाम रेवासन, नूंह।   मेरे प्यारे अब्बा जी, अस्सलाम वालेकुम।   अल्लाह आपको सलामत रखे। अब्बा जी मैंने अपनी दूसरी कक्षा का इम्तिहान अच्छे नम्बरों से...

Guest.. Maina

क्या आपने सुना हुज़ूर  मैना ने सर मुंडवाया है  वो एक सैनिक की बेवा है संग सैनिक का साया है  पीछे उसके अतिथिगण की भरी पुरी एक सेना है जल्दी...

aansu

याद आए जब मेरी किसी के आंसू पोंछ देना मैं जहां के दर्द में अश्कों में बसा करता हूं

लघुकथा

  लघुकथा नया सवेरा निधि उम्र के उस पड़ाव पर थीं , जहाँ पहुँच कर व्यक्ति दिशा शून्य हो जाता है। पैंसठ  की उम्र और तमाम बीमारियां...
- Advertisement -

MOST POPULAR

HOT NEWS