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मौन को आवाज दो
मौन को आवाज दो
बोलते हैं आज पत्थर
ज़िन्दगी को साज दो
गीत नित नूतन रचो
मौन को आवाज दो
ढक रहा काला कुहासा
क्षितिज तक की लालिमा
पीर है गहरी...
दो कांधे और चाहियें
कुछ वक्त और
ठहर जा ऐ ज़िन्दगी
दो कांधे और चाहिये
बेटियाँ कुंवारी हैं अभी
शिक्षित हो हर घर परिवार (नुक्कड़ नाटक)
शिक्षित हो हर घर परिवार
सभी बच्चों का समवेत स्वर-)
सुनो सुनो भाई सुनो सुनो
सुनो सुनो भाई सुनो सुनो
(सभी बच्चे)
चलो चलें एक नए सफर पर
देखें नई...
कसक #नईकविता #प्रीतिराघवचौहान
कुछ, न पाने की कसक
सब कुछ होने से ज्यादा है।
चाँद समूचा खिड़की में
पर अंधकार से वादा है
मंज़िल पर आ बैठे हैं
प्यास मगर है राह...
लोगों को कहने दो
आप हँसना चाहते हैं
जोर से चिल्लाना चाहते हैं
चाहते हैं सड़क किनारे खाना कुलचे
चाहते हैं सिस्टम पर लगाना पंच
दिन भर की भगदौड़ से परे
चाहते हैं...
सच
क्या आप भी
सरेआम सच
कहना चाहते हैं
ये शहर सच को
नकारता है जनाब
.............. .
जब भी सच कहा
लोग खिलखिला के हँसे
आज के दौर में
सच चुटकुले सा है
.........
कालू जी की मूँछ
कालू जी ने खूब बढ़ाई
लम्बी लम्बी मूँछ
चले अकड़ कर घर से
बाहर होगी मेरी पूंछ
मुर्रा जैसे सींगों वाली
दिखती उनकी मूंछ
मार मरोड़ा बस में ठाड़े
जैसे हों...
मॉरीशस में गिरमिटियाओं का स्वर्णिम काल
हिंद महासागर का तारा और चाभी वाला यह देश जो विशाल नीला सागर और स्वप्निल दुग्धिया समुद्र तट से घिरा हुआ है और...
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Aajadi kya
हे सृष्टि कर अभिनंदन आने वाले साल का
वक्त आंधी अपनी रफ़्तार से बढ़ती गई
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आज का विचार
सरलता रंगों का स्वाभाविक गुण है। चाहे किसी भी रंग में मिलाओ ये सहज ही दूसरे में विलय हो जाते हैं। अतः सरल बनो।
आज का विचार
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लाल दीवारें..
लाल दीवारें /भीगी नहीं हैरान थी
दीवारों से निकल
देखने आईं कुछ आँखें
हो विकल बारम्बार
कदम रह गये ठिठक कर उस द्वार
जिसके पीछे बहुत सी...
लाल दीवारें
इस काल का वरण करें /IndianCricketTeam
इसकाल का वरण करें
जीत के आकाश से
विजय कुसुम नहीं तो क्या
क्षण वो शंखनाद के
बना नहीं सके तो क्या
निशीथ के अंधेरों में
नव किरण नहीं तो...
इसकाल का वरण करें।




























