औरतें कांधे पर ले संसार साथ चलतीं हैं

The Purse/बटुआ

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औरतें कांधे पर

औरतें कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं 

 घर संग समूचा ले

कारोबार साथ चलती हैं

औरतें कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

बिन्दी कंघी लिपस्टिक

क्लिप कजरा बाली

इसमें लिये सोलह

श्रृंगार साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

गौर से झांकोगे तो

हैरत में पड़ जाओगे

पासवर्ड डायरी में ले

हजार साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

एक छोटे से बटुए में

तरह तरह के बटुए

बटुओं में ले चमत्कार

साथ चलतीं हैं

औरतें कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

पैन लाइसेंस बिल रसीदें

पुर्जों में लिखे नम्बर

एटीएम पेटीएम ले 

आधार साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

कुछ टॉफी चॉकलेट

काला नमक जीरा

रोटी पानी संग ले

अचार साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

चाबियों के गुच्छे चश्में

चार्जर फोन इयरफोन

पॉवर बैंक जैसे लिए

बाज़ार साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

डर को ढककर

नकाब में हैं निकलतीं

स्प्रे पिन चाकू से ले

हथियार साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

दवाइयों का पाऊच

मिलेगा थैले में जरूर

बन ताउम्र तीमारदार

साथ चलतीं हैं

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

मैंने उसके बटुए में

देखें हैं कंचे माचिस भी

बच्चों से छीन आग

ले बहार साथ चलतीं है

औरतें  कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

 

जिस बटुए को है कसकर

कलेजे से लिपटा रक्खा

उसमें महज़ किराया

ले हर बार साथ चलतीं है

 औरतें कांधे पर ले

संसार साथ चलतीं हैं

               प्रीति राघव चौहान

VIAPriti Raghav Chauhan
SOURCEPriti Raghav Chauhan
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नाम:प्रीति राघव चौहान शिक्षा :एम. ए. (हिन्दी) बी. एड. एक रचनाकार सदैव अपनी कृतियों के रूप में जीवित रहता है। वह सदैव नित नूतन की खोज में रहता है। तमाम अवरोधों और संघर्षों के बावजूद ये बंजारा पूर्णतः मोक्ष की चाह में निरन्तर प्रयास रत रहता है। ऐसी ही एक रचनाकार प्रीति राघव चौहान मध्यम वर्ग से जुड़ी अनूठी रचनाकार हैं।इन्होंने फर्श से अर्श तक विभिन्न रचनायें लिखीं है ।1989 से ये लेखन कार्य में सक्रिय हैं। 2013 से इन्होंने ऑनलाइन लेखन में प्रवेश किया । अनंत यात्रा, ब्लॉग -अनंतयात्रा. कॉम, योर कोट इन व प्रीतिराघवचौहान. कॉम, व हिन्दीस्पीकिंग ट्री पर ये निरन्तर सक्रिय रहती हैं ।इनकी रचनायें चाहे वो कवितायें हों या कहानी लेख हों या विचार सभी के मन को आन्दोलित करने में समर्थ हैं ।किसी नदी की भांति इनकी सृजन क्षमता शनै:शनै: बढ़ती ही जा रही है ।

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